श्रमिको को अधिकार दिलाने के लिए सीटू चलाएगी अभियान


 उदयपुर, उदयपुर में विभिन्न संस्थानों, कारखानों में मजदूरों से प्रतिदिन १२ घंटे कार्य लेने के साथ उन्हें कोई कानूनी सुविधा नहीं दी जा रही है और जिन सरकार पर यह जिम्मेदारी है कि वह श्रम कानूनों की पालना कराए, वहां पर भी श्रमिकों का दमन एवं शोषण है जिसके खिलाफ सीटू अभियान चला उनके सम्मान जनक जीवन के संघर्ष को आगे बढ़ाएगी ।

यह विचार सीटू के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने सीटू की शीराली भवन में आयोजित बैठक में व्यक्त किए । उन्होंने कहा कि देश और राज्य में सरकारे बदलती है लेकिन सरकारों का श्रमिक विरोधी चरित्र नहीं बदलता । सिंघवी ने कहा कि श्रमिक व्यापक एकता  और संगठन बनाकर ही शोषण मुक्त जीवन के सपनों को साकार कर पाएंगे । सिंघवी ने कहा कि कोरोना काल में आपदा में अवसर सिर्फ पूंजीपतियों के लिए है । उन्होंने बताया कि ऑक्सफैम की एक रिपोर्ट अनुसार वर्ष २०२१ में देश में ८४ फ़ीसदी परिवारों की आय में कमी आई लेकिन इस दौरान देश में अरबपतियों की संख्या १०२ से बढ़कर १४२ हो गई । सिंघवी ने बताया कि वर्ष २०२० में केंद्र सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के बजट में भी भारी कटौती की है । सिंघवी ने बताया कि वर्ष २०२१ में भारत के सबसे अमीर लोगों की सामूहिक संपत्ति ५७.३ लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है , ओर इसी साल में नीचे की ५० आबादी के हिस्से में सिर्फ छह फीसदी राशि आई है ।

उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक वर्ष २०२० में देश में ४ करोड़ ६० लाख लोग अत्यंत गरीबी में पहुंच गए है जो दुनिया के इस दौरान हुए कुल गरीबों का लगभग आधा है। 

 बैठक को संबोधित करते हुए  सीटू के सचिव हीरालाल सालवी ने कहा कि सीटू का  उदयपुर  में गौरवशाली इतिहास रहा है  और सीटू के नेतृत्व में   कई सफल आंदोलन हुए हैं । उन्होंने कहा कि आज नई परिस्थितियों में सीटू  मजदूरों को संगठन से जोड़ उनके अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष  तेज करेगी ।

सीटू के उपाध्यक्ष गुमानसिंह राव  स ने कहा कि सरकार ,प्रशासन, पुलिस एवं नगर निगम ठेला व्यवसाई के साथ अमानवीय व्यवहार कर पथ विक्रेता अधिनियम की धज्जियां उड़ा रही है ।उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी आए दिन गरीबों पर भाजपा बोर्ड के इशारे पर ठेला व्यवसाई यो के साथ अमानवीय व्यवहार करते है, जिस का मुकाबला किया जाएगा ।

ठेला यूनियन के उपाध्यक्ष मो निजाम ने कहा कि नगर निगम ने हॉस्पिटल रोड  से ३५ ठेला व्यवसाई को १६ माह पहले नो वेडिंग जोन के नाम पर हटाया था  लेकिन अभी तक उन्हें  वेंडिंग जोन उपलब्ध नही  कराया है। 

नेशनल हॉकर्स फेडरेशन के राज्य संयोजक याकूब मो  ने कहा कि नगर निगम , उदयपुर का भाजपा बोर्ड ठेला व्यवसायियों   को उनके अधिकार नहीं देना चाहते हैं क्योंकि भाजपा में अधिकांश भूमाफिया किसी को फ्री में जमीन का हक नहीं दे सकते है । उन्होंने कहा कि हमे ओला, उबर,जेमेटो, सिग्गी  जैसे कई क्षेत्रों में श्रमिको को उनके अधिकार के लिए संघर्ष को तेज करना होगा ।

 संगठन के सचिव हरलाल लखारा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों को  ठेके पर रख रोज १२ घंटे काम लेने के साथ उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है लेकिन अधिकांश श्रमिकों के उदयपुर के बाहर के होने से वे संगठन से जुड़ नहीं पाते, ऐसे में हमें उन्हें अधिकार के लिए आगे लाना होगा ।

 टाउन वेंडिंग कमिटी की सदस्य रानू सालवी ने कहा कि हम उदयपुर में सभी क्षेत्रों में सीटू को मजबूत करने का अभियान चलाएंगे  

विजय कुमार वर्मा ने कहा कि सहारा ,आदर्श, संजीवनी जैसी धोखेबाज कंपनियों से उदयपुर के निवेश कर्ताओं को उनकी निवेश की गई राशि का भुगतान कराने के लिए हमें इस संघर्ष को हाथ में लेना होगा।

 निर्माण मजदूर एकता यूनियन के उपाध्यक्ष शमशेर खान ने  कहा कि निर्माण मजदूरों के लिए राज्य सरकार द्वारा पुत्रियो के विवाह पर सहायता राशि देने का प्रावधान है लेकिन पिछले ४ वर्ष से किसी  को भी यह लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि निर्माण मजदूरो का ही देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है लेकिन उनकी कही सुनवाई नहीं है।

लाल झंडा ऑटो चालक  यूनियन के अध्यक्ष फिरोज अहमद  ने कहा कि सरकार, प्रशासन, पुलिस ऑटो चालकों को गुंडा और  अपराधी समझ व्यवहार करते हैं लेकिन हम यह कहना चाहते हैं कि अगर वह  अपराधी होते तो ऑटो क्यों चलाते ? ह उन्होंने ऑटो चालकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने एवं उनके रोजगार को बचाने के संघर्ष करने की अपील की ।  

बैठक में मदन लाल डांगी, इकबाल खान ,किशन लाल डांगी, मोहम्मद शाहिद, मुनव्वर खान योगेंद्र अजमेरा प्रेम सिंह  टांकआदि ने भी विचार व्यक्त किए ।


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