20 सूत्री कार्यक्रम के लक्ष्य निर्धारित अवधि में पूरे हो: कलक्टर

 कलक्टर ने की 20 सूत्री कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा


उदयपुर।
जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री बजट घोषणा तथा बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं समन्वय की जिला स्तरीय (द्वितीय स्तर) समिति की बैठक आयोजित हुई। जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में कलक्टर ताराचंद मीणा ने 20 सूत्री कार्यक्रमों के तहत विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों तथा बजट घोषणाओं की प्रगति जानी। कलक्टर ने विभिन्न विभागों से संबंधित बजट घोषणा वर्ष 2019-20, 2020-21 व 2021-22 के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए बजट घोषणाओं को मिशन मोड में पूरा करने को कहा। बैठक में जिला परिषद सीईओ मयंक मनीष सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

पौधरोपण का लक्ष्य 15 दिन में पूरा हो: कलक्टर

20 सूत्री कार्यक्रमों के बिंदु संख्या 15-ए के तहत पर्यावरण सुरक्षा व वन वृद्धि के लिए कलक्टर ने विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की जानकारी ली। मुख्य आयोजना अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी बीस सूत्री कार्यक्रम, उदयपुर पुनीत शर्मा ने बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की जानकारी दी। कई विभागों के पौधरोपण के निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कलक्टर ने निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। कलक्टर ने सभी विभागों को 15 दिन में पौधरोपण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने कहा कि 15 दिन बाद वे इसका रिव्यू करेंगे। कलक्टर ने वन महोत्सव की तर्ज पर अभियान चलाकर जिले में बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत पौधरोपण का लक्ष्य पूरा करने को कहा।

फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति जानी

कलक्टर ने राज्य सरकार की विभिन्न विभागों से संबंधित फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। शहर के कुछ निजी अस्पतालों में चिरंजीवी योजना के तहत इलाज से संबंधित शिकायतों पर कलक्टर ने सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी से जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। कलक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिरंजीवी योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों की भी जानकारी ली और योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा सहित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के तहत जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति जानते हुए कलक्टर ने कहा कि जिन विभागों ने अपना लक्ष्य अर्जित कर लिया है, वे लक्ष्य से ज्यादा अर्जित करें और जिन विभागों ने अपना लक्ष्य अर्जित नहीं किया है, उनको अपना लक्ष्य अर्जित करना है।

कलक्टर की सख्ती का दिखा असर

कलक्टर ताराचंद मीणा की समय की पाबंदी और अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर सख्त रवैये को देखते हुए गुरुवार को ज्यादातर अधिकारी मीटिंग में समय पर पहुंचे। इसके बावजूद एक-दो अधिकारी मीटिंग में अनुपस्थित रहे। इस पर कलक्टर ने नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सोमवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल की समीक्षा बैठक में कलक्टर ताराचंद मीणा ने अनुपस्थित अधिकारियों को लेकर नाराजगी जताई थी और बिना पूर्व सूचना व अनुमति के अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए थे।

क्या है 20 सूत्री कार्यक्रम 

20 सूत्री कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में शुरू किया था। इसके बाद 1982, 1986, 2006 में इसमें बदलाव किए गए। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों के वार्षिक लक्ष्य तय किए गए हैं, ताकि देश, राज्य व जिले का विकास हो सके। ये 20 सूत्र हैं- गरीबी हटाओ, जन शक्ति, किसान मित्र, श्रमिक कल्याण, खाद्य सुरक्षा, सबके लिए शिक्षा, शुद्ध पेयजल, जन-जन का स्वास्थ्य, सबके लिए शिक्षा, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला कल्याण, बाल विकास, युवा कल्याण, बस्ती सुधार, पर्यावरण सुरक्षा एवं वन वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सडक़, ग्रामीण ऊर्जा, पिछड़ा क्षेत्र विकास, ई-गवर्नेंस। इनके आधार पर प्रत्येक जिले की रैकिंग तय की जाती है।


फोटो केप्शन 

बीसूका बैठक में अधिकारियों से चर्चा करते जिला कलक्टर।

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