ठंड से थर्रथर्राया बाँसवाड़ा, मंदिर में भगवानों को पहनाया ऊनी वस्त्र, ओढ़ाई गई कम्बल

 


बांसवाडा। लोढ़ीकाशी के नाम से प्रसिद्ध बाँसवाड़ा नगर के रामानन्द सम्प्रदाय के इस लालीवाव मठ में ठंड आते ही देवी-देवताओं को पहनाया जाता है गर्म पौशाक-महामण्डलेश्वर हरिओमदासजी महाराज द्वारा पहनाया जाता हैं। बाँसवाड़ा, सूरजपोल स्थित तपोभूमि लालीवाव मठ में ठंड के दस्तक देते ही सभी भगवान को ऊनी वस्त्र पहनाया गया मठ में विराजमान सभी प्रतिमा पर ऊनी वस्त्र पहनाए गए, श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ हर साल भक्त भगवान को ठंड में ऊनी वस्त्र चढ़ाते हैं।

मठ के महामण्डलेश्वर हरिओमदासजी महाराज ने बताया कि भक्त, भाव और भगवान इन तीन शब्दों का आपस में गहरा नाता है। जिस प्रकार मानव को गर्मी में गर्म और ठंडा के दिनों में ठंड लगती है, उसी प्रकार भगवान को भी ठंड और गर्मी का एहसास होता है, इसलिए ठंड के दिनों में गर्म वस्त्र धारण करवाया जाता है । इन दिनों कड़ाके की सर्दी पडऩे लगी है, सर्दी का असर इंसान तो इंसान भगवान पर भी दिखाई दे रहा है, शहर के सूरजपोल स्थित ऐतिहासिक लालीवाव मठ में ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनाए गए जो इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महाराजश्री ने बताया कि पौशाक लालीवाव मठ के श्रृंगारी दीपक (प्रवीण) ने सिलाई कर भगवान को पहनाया गया है। 

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