शहर के ऐतिहासिक भवन की दुर्दशा को लेकर पार्षद ने जताया विरोध प्रशासन सुध नहीं लेता तब तक जारी रहेगा विरोध

 


डूंगरपुर। शहर के वार्ड संख्या-8 सलाटवाड़ा में स्थित ऐतिहासिक हथाई की हवेली और पुराना विजय स्कूल भवन की दुर्दशा को लेकर वार्ड पार्षद ब्रिजेश कुमार सोमपुरा ने श्रमदान करके विरोध जताया। कई बार जिला प्रशासन व नगर परिषद को अवगत करवाने के बाद भी किसी ने इसकी सुध नहीं ली तो शनिवार को पार्षद सोमपुरा ने गांधीगिरी दिखाते हुए खुद ही भवन में फैली गंदगी और कंटीली झाडिय़ों को साफ  करने में जुट गए। 

सोमपुरा ने कहां कि सालो से बंद पड़े इस भवन के विकास को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार जिला प्रशासन व नगर परिषद को अवगत करवाया लेकिन प्रशासन ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया बल्कि प्रशासन ने इस भवन को हैरिटेज इमारत घोषित करके खंडहर होने के लिए छोड़ दिया है। सालों पहले तक यहॉ स्कूल चलता था, लेकिन इस भवन को नकारा घोषित किये जाने के बाद स्कूल को नए भवन में स्थानान्तरित कर दिया गया। जिसके बाद ना कभी प्रशासन ने इसकी सुध ली और ना कभी कोई पर्यटक यहॉ आया। इस भवन में फैली गंदगी, विषैले जानवरों व असामाजिक गतिविधियों के कारण वार्डवासी परेशान हो रहे है। सोमपुरा ने बताया कि इस भवन की दुर्दशा और आमजन की समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन एवं नगर परिषद को अवगत कराया लेकिन सभापति अमृत कलासुआ एवं आयुक्त नरपतसिंह राजपुरोहित ने इस भवन का निरिक्षण भी किया। मगर भवन का स्वामित्व शिक्षा विभाग का होने के कारण इसका विकास नहीं हो पाया। इस बारे में लोकसभा सांसद कनकमल कटारा को अवगत करवाने के बाद दिशा की बैठक में भी इस विषय को शामिल किया जा चुका है। पिछले बोर्ड में भी पूर्व सभापति के.के. गुप्ता ने इसके विकास को लेकर प्रयास किया था। पार्षद सोमपुरा ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जरहाल नकारा भवन से कभी भी जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसके जर्जर व अनुपयोगी हिस्से को गिराकर जनहित में इसका उपयोग करने के लिए इसे नगर परिषद को हस्तांतरित कर दिया जाए। इस भवन के विकास को लेकर जब तक प्रशासन कोई ठोस योजना नहीं बनाता तब तक विरोध जारी रहेगा।


फोटो केप्शन  

जर्जर अनुपयोगी भवन में जुटे क्षेत्रीय पार्षद सोमपुरा भवन की साफ सफाई करते। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ