एजुकेट गल्र्स के राजस्थान बांसवाड़ा की टीम बालिका को मिला देश की टीम बालिका सम्मान
बांसवाड़ा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बालिका शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही संस्था एजुकेट गल्र्स ने अपना 14वां स्थापना दिवस ऑनलाइन समारोह बहुत ही धूमधाम से मनाया। इस ऑनलाइन समारोह में संस्था के स्वयंसेवकों, कार्मिकों सरकारी अधिकारी तथा डोनर्स ने जुड़ कर समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समारोह में 3,900 से भी अधिक लोगों ने ऑनलाइन और 9500+ लोगों ने जिला स्तर पर हिस्सा लिया। इस समारोह में राजस्थान के दक्षिण भाग में स्थित बांसवाडा शहर के रहने वाले टीम बालिका विश्वास कुमार को देश की टीम बालिका सम्मान से सम्मानित किया गया। बांसवाडा शहर की भौगोलिक बसावट और पलायन बच्चों की शिक्षा की राह में एक चुनौती है। विश्वास कुमार 2017 से एजुकेट गल्र्स संस्था के साथ मिलकर बालिका शिक्षा के लिए काम कर रहे। एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे विश्वास के पिता फ ौज में काम करते थे। माँ विश्वास की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाई और छोटी उम्र में ही विश्वास की शादी कर दी गई। विश्वास ने जब 8वीं पास कर ली तो उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी क्योकि उन्हें 8-10 किलो मीटर दूर पढऩे जाना पड़ता था। लेकिन 6-7 महीने बाद उन्होंने अपने दोस्तों के साथ फिर से अपनी पढ़ाई शुरू कर दी। जीवन मेें विश्वास के सामने बहुत सारी चुनौतियां आई, वें खुद शारीरिक विकलांग है और उनकी पत्नी देख नहीं पाती है। इस सब के बावजूद अपने गाँव के बच्चों की शिक्षा के लिए काम करने में हमेशा आगे की पंक्ति में खड़े रहे है। विश्वास ने अपने गांव में डोर-टू-डोर सर्वे कर यह सुनिश्चित किया कि सभी बच्चों को पढ़ाई करने का मौका मिले। उन्होंने अपने गाँव की 11 लड़कियों और 8 लडक़ों को स्कूल से जोड़ा। कोविड़ महामारी के दौरान जब स्कूल बंद थे तब विश्वास ने कैंप विद्या का कुशल संचालन करते हुये अपने गाँव के 18 से 20 बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखा ताकि स्कूल खुलने पर बच्चे नियमित स्कूल जा सके। कोविड महामारी से प्रभावित जरूरतमंद लोगों को एजुकेट गल्र्स द्वारा किए गये राशन वितरण में भी सहयोग प्रदान किया। गाँव के विद्यालय प्रबंधन समिति को जागरूक कर विद्यालय विकास में भी सहयोग करते है। इसके अलावा गाँव विकास के किसी भी प्रकार के कार्य में विश्वास हमेशा सहयोग करते है।
एजुकेट गल्र्स संस्था के राजस्थान रीजनल मैनेजर ब्रजेश कुमार सिन्हा ने बताया, विश्वास कुमार एक जुझारू व्यक्ति हैं, जो विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भी गाँव के बच्चों की शिक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। इनके द्वारा किए गए जमीनी स्तर के प्रयास से गाँव के बच्चों की शिक्षा को एक नई दिशा मिल रही हैं और समुदाय में बालिकाओं की शिक्षा में सकारात्मक बदलाव नजर आ रहे हैं। पोस्ट ग्रेजुएट विश्वास का सपना है, टीचर बनकर अपने गांव के बच्चों की शिक्षा के लिए काम करना ताकि उनके गांव की हर लडक़ी शिक्षित हो। विश्वास का तीन वर्ष का बेटा भी नियमित आगंनबाड़ी जाता है। विश्वास शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वयंसेवकों के लिए एक प्रेरणा है
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