छत्रपति शिवाजी महाराज की 391वीं जन्म जयंती धूमधाम से मनाई, प्रतिमा पर किया माल्यार्पण


डूंगरपुर।
छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म जयंती पर श्री कृष्णा कल्याण सेना संस्थापक जिग्नेश वैष्णव के नेतृत्व में युवाओं ने शिवाजी पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जन्म जयंती मनाई।

संस्थापक जिग्नेश वैष्णव ने शिवाजी महाराज के जीवन का परिचय देते हुए बताया कि शिवाजी महाराज हमारे लिए आदर्श है आज की युवा पीढ़ी सिर्फ आधुनिक उपकरणों में उलझ कर रह गई है लेकिन हमारे पूर्वजों ने किस तरह बलिदान देकर हमारे देश को आजाद किया इसका बोध नही करना चाहते। हमारी संस्कृति पिछड़ रही है इसे सही मार्ग पर लाने के लिए शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप जैसे युग पुरुषों की जीवनी का अध्ययन अति आवश्यक है। इसी उपलक्ष्य में डूंगरपुर हाउसिंग बोर्ड स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जन्म जंयती मनाई गई।

इस अवसर पर श्री कृष्णा कल्याण सेना संस्थापक जिग्नेश वैष्णव, नरेश बाँसड, संजय यादव, मुकुल सोमपुरा, जयदीप पंचाल, यशपाल डामोर, उत्कर्ष, ऋषिकेश खराड़ी, क्रिश परमार, लीलाराम सहित समस्त कार्यकर्ताओं ने शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर जन्म जयंती मनाई।

इसी प्रकार शिवाजी नगर हाउसिंग बोर्ड के शिवाजी पार्क में मराठा गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज की 391 जयंती धूमधाम मनाई गई तथा उनकी मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। 

इस अवसर पर समाजसेवी गिरीश पानेरी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी देश के वीर सपूतों में से एक थे जिन्होंने मराठा गौरव भी कहते हैं और भारतीय गणराज्य के महानायक भी थे वर्ष 1676 में उन्होंने पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी उन्होंने कई सालों तक मुगलों से संघर्ष किया था और उन्हें धूल चटाई थी। 

पूर्व पार्षद एडवोकेट जितेंद्र सिंह पीठ ने शिवाजी महाराज के जीवन परिचय बताते हुए कहा कि उनका जन्म 19 फरवरी 1630 को हुआ था उन्होंने कई वर्षों तक औरंगजेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया। 1670 में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ और वह छत्रपति बने। शिवाजी ने अपनी अनुशासित सेना एवं संगठित प्रशासनिक इकाइयों की सहायता से एक योग्य प्रगतिशील प्रशासन प्रदान किया। उन्होंने समर विद्या में अनेक नवाचार किए तथा छापामार युद्ध की नई शैली शिव सूत्र को विकसित किया। उन्होंने प्राचीन हिंदू राजनीति प्रथाओं तथा दरबारी शिष्टाचार को पुनर्जीवित किया और फारसी के स्थान पर मराठी एवं संस्कृत को राजकाज की भाषा बना बनाया। 

इस अवसर पर वार्ड के वरिष्ठ जन जगदीश वैष्णव, गौरी शंकर जोशी, राजेंद्र भंडारी, बहादुर सिंह, कृष्ण लाल वैष्णव, बल्लभ पंड्या, जितेंद्र उपाध्याय, राजू वसीटा सहित कई लोग उपस्थित रहे। 

इसी प्रकार मुस्कान संस्थान के बच्चों द्वारा छत्रपति शिवाजी जयंती की जयंति मनाई गई। संस्थान के सचिव भरत नागदा ने बच्चों को शिवाजी के संघर्षपूर्ण जीवन उनके साहस तथा पराक्रम, युद्ध कौशल की निपुणता आदि के बारे में जानकारी दी। इसके उपरांत गायत्री परिवार डूंगरपुर की ओर से भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें गायत्री परिवार के नानूराम भट्ट, पुष्पा बेन भट्ट, नटवरलाल, नगीन लाल पटेल ने बच्चों को गायत्री मंत्र का उच्चारण व प्रार्थना का अभ्यास करना, गुरु मंत्र, प्रेरक गीत, भजन, संस्कार और आध्यात्मिक जानकारियां बच्चों को संगीतमय वातावरण में देकर 10 मिनट का मौन भी रखवाया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत संस्थान कोऑर्डिनेटर टी.एस. राठौड़ ने उपरणा ओढाकर किया। कार्यक्रम में कार्यकर्ता दिलीप जोशी, कैलाश पहाड़, हरीश भोई, डिंपल जोशी, रहमत बीबी, टीना माली, आशीष वर्मा आदि उपस्थित रहे। 

भारतीय जनता युवा मोर्चा के द्वारा नवनिर्वाचित नगर अध्यक्ष बाबूलाल बांसड के अध्यक्षता में छत्रपति शिवाजी की जन्म जयंती मनाई गई। इस अवसर पर शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया एवं युवाओं में उनके प्रेरक प्रसंग को सुना कर एक नई उमंग का अध्यारोपण किया गया। कार्यक्रम में नगर मंत्री जनक कंसारा का सानिध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर युवा सुमित सुथार, जयकुमार पंचाल, रितिक सुथार, प्रियांशु सोलंकी, हितेन टेलर, जतिन कंसारा, रोहित सुथार, नवीन सिंह राव, कुणाल डोडा, हिमांशु विहात आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 


कैप्शन : 

भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए। 

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