सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण अभियान का प्रथम चरण 07 फरवरी से

 


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बनाई कार्ययोजना, विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ भी कर रहे तकनीकी सहयोग

गर्भवती महिलाओं को भी लगाए जाएंगे टीके

डूंगरपुर। 0 से 2 वर्ष तक के नन्हें-मुन्नों को नौ तरह की बीमारियों से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगामी सात फरवरी से सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण अभियान को लेकर जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कांति लाल पलात और उनकी टीम ने पूरी कार्ययोजना बना ली है। इस अभियान में विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कांति लाल पलात ने बताया कि से सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण अभियान को लेकर बनाई गई कार्ययोजना के मुताबिक डॅूगरपुर जिले के लगभग 261 गर्भवती माता व 599 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण अभियान में उन्हीं बच्चों को शामिल किया गया हैं, जो नियमित टीकाकरण से किसी भी कारणवश वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों का हैड काउंट सर्वे करवाकर उनकी सूची तैयार की गई है। उक्त कार्य में संबंधित खण्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का भी सहयोग लिया गया है।

उन्होंने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण अभियान का प्रथम चरण 07 फरवरी से शुरू होगा जो 13 फरवरी तक संचालित होगा। इस चरण में 91 टीम कार्य करेंगे, जिनके सहयोग के लिए संबंधित क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी भी काम करेंगी। विशेष बात यह है कि इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकृत किया जाएगा।

इसके बाद अभियान का दूसरा चरण 07 मार्च से 13 मार्च, तीसरा चरण 04 अप्रैल से 10 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा। अभियान की मॉनिटरिंग को लेकर जिला स्तर से दल बना दिए गए है। सभी चरणों की विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ फील्ड मॉनिटरिंग रखेंगे।

ग्यारह बीमारियों से बचाने के लिए लगाएंगे ये टीके

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कांति लाल पलात ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण अभियान के दौरान 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों को ग्यारह तरह की बीमारियों से बचाने के लिए बीसीजी, पोलियो, हेपेटाइटस बी, पेंटावेलेंट, एफआईपीवी, आरवीवी, पीसीवी, रोटा वायरस, विटामीन ए तथा एमआर के टीके लगाए जाएंगे। इसी प्रकार नियमित टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिलाओं को टीडी-1, टीडी-2 व बुस्टर टीडी के टीके लगाए जाएंगे।

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