उदयपुर। नई आर्थिक नीतियों ने देश में बड़े पूंजीपति, सरकार, दलालों एवं बड़े प्रशासनिक अधिकारियों का एक गठजोड़ बना दिया है जो देश को लूटने में लगा है और उस गठजोड़ का हिस्सा सहारा इंडिया भी है। यह विचार माकपा जिला सचिव एवं पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने सहारा इंडिया स्थापना दिवस के अवसर पर सहारा इंडिया के सेक्टर 11 स्थित कार्यालय के सामने सहारा प्रमुख सुब्रत राय के पुतला दहन के दौरान आयोजित सभा में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि नई आर्थिक नीतियों ने आम व्यक्तियों को यह सपना दिखाया कि वह भी पैसे वाला बन सकता है लेकिन उसके लिए उसे रिस्क लेना पड़ेगा और जब आम आदमी ने यह रिस्क ली तो वह अपनी जमा पूंजी भी खो कर बर्बाद हो गया। सिंघवी ने कहा कि एक आम व्यक्ति के सपनों को सुब्रत राय ने छीनने का काम किया है उन्होंने कहा कि एक आम व्यक्ति बड़ी मुश्किल से 15 दिन से एक माह तक पैरोल पर जेल से बाहर रहता लेकिन सुब्रत राय पिछले 6 वर्ष से अधिक समय से पैरोल पर है जो हमारी न्याय व्यवस्था को भी आईना दिखाता है।
आयोजित सभा में कमलेश अग्रवाल ने कहा कि सहारा ने कार्यकर्ताओं और निवेशकर्ताओं की भावनाओं का शोषण कर जमा पूंजी को अपनी अय्याशी में उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि सुब्रत राय ने भाजपा को काफी चंदा दिया इसलिए केंद्र सरकार सुब्रत राय को उनका कर्ज उतारने के लिए संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि सहारा एवं अन्य सोसाइटी की लूट के कारण हजारों लोगों को आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा और कई दबाव में अकाल मौत के शिकार हो गए।
आयोजित सभा में निर्माण मजदूर एकता यूनियन के अध्यक्ष मुनव्वर खान ने कहा कि निवेशकर्ताओं के साथ जो होना था, वह हो चुका। अब उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है इसलिए उन्हें व्यापक एकता बना संघर्ष करना होगा ।उन्होंने कहा कि हर संघर्ष का परिणाम सफलता होती है इसलिए उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है।
इस अवसर पर संघर्ष समिति के संयोजक विजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुतला दहन के दौरान सैकड़ों निवेश कर्ताओं ने सहारा द्वारा उनकी निवेश की गई राशि का भुगतान ना होना बता विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर हर सहयोग देने का विश्वास दिलाया। इस दौरान दो व्यक्ति ऐसे भी आए जिन्होने बताया कि सहारा इंडिया में जमा राशि नहीं मिलने के कारण उन्हें हार्ड अटैक आया और बड़ी मुश्किल से अपनी जान बची। इस अवसर पर प्रमोद कुमार पचौरी, नवनीत माली, महेंद्र सिंह राव, रंजना जैन, मल्लिका मद्रासी, दिलीप शर्मा, पुखराज नागदा, शिव गिरी गोस्वामी, प्रेम सिंह टांक, गौश मोहम्मद, बंसी लाल माली, हरीश टेलर, कमल किशोर आदि मौजूद थे।
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