डूंगरपुर। टीएसपी क्षेत्र में आने वाले राजपुर (तहसील सागवाड़ा) के लिए निकाली गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती पर अग्रिम आदेशों तक माननीय उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है।
तहसील सागवाड़ा, जिला डूंगरपुर निवासी अंकिता कटारा की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ऋतुराज सिंह राठौड़ ने न्यायालय को बताया कि उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विज्ञप्ति निकाल पूर्व में वर्ष 2017 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका/आशा सहयोगिनी के स्वैच्छिक मानदेय सेवा के रिक्त पदों हेतु संबंधित परियोजना कार्यालयों में आवेदन पत्र आमंत्रित किए थे। उपरोक्त विज्ञप्ति में याचिकाकर्ता ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर आवेदन किया। ग्राम सभा निगरानी समिति की बैठक में निगरानी समिति द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति हेतु याचिकाकर्ता के नाम की अभिषांशा की गई। लंबे समय तक नियुक्ति नहीं देने के विरुद्ध याचिकाकर्ता द्वारा उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग को एक अपील की गई। उपरोक्त अपील के निस्तारण में भी उप निदेशक द्वारा याचिकाकर्ता को चयन के लिए पात्र माना गया एवं चयन अनुमोदन की कार्यवाही किए जाने का आदेश पारित किया गया। उसके बाद भी संबंधित विभाग द्वारा याचिकाकर्ता को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति नहीं दी गई। अब विभाग द्वारा नई विज्ञप्ति निकाल कर नए सिरे से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद भरे जाने की कार्यवाही शुरू की गई जिसके विरुद्ध याचिकाकर्ता द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के पश्चात माननीय न्यायधीश अरुण भंसाली द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग से जवाब तलब किया गया एवं आंगनवाड़ी केंद्र राजपुर, परियोजना कार्यालय सागवाड़ा के संबंध में निकाली गई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई।
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