पीएमसीएच के चिकित्सको ने, हाथ के कटे हुए पंजे को जोडक़र व्यक्ति को दिया नया जीवन

 

-


मारपीट के दौरान धारदार हथियार से कट कर अलग हो गया था पंजा

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल बेदला के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ. गुरूभूषण एवं उनकी टीम ने युवक के कटे हुए हाथ के पंजे को पुन जोडक़र नया जीवन दिया।

8 घंटे तक चली इस सफल सर्जरी में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. गुरूभूषण, आर्थोपेडिक सर्जन डॉ.विनोद नागर, डॉ आशीष ब़त्रा, ऐनेस्थिशिया विभाग के डॉ. प्रकाश औदिच्य, डॉ. रविन्द्रन, डॉ. निशि, डॉ. देवराजन, डॉ. पंथ, डॉ. हर्ष, सुभाष, ललित, मनोज एवं दिनेश की टीम का सहयोग रहा।

बर्न एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ.गुरूभूषण ने बताया कि 56 वर्षीय एक व्यक्ति के हाथ का पंजा मारपीट के दौरान धारदार हथियार से कट कर अलग हो गया। हादसे के बाद व्यक्ति के परिजनों ने हिम्मत जुटाई और डेढ़ घंटे के भीतर बर्फ से भरे प्लास्टिक बैग में कटा हुआ पंजा लेकर पीएमसीएच बेदला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। हॉस्पिटल पहुंचते ही मरीज को इमरजेंसी रि-इम्प्लांट सर्जरी के लिए तुरंत ऑपरेशन थिएटर में ट्रांसफर किया गया। वहीं दूसरी टीम कटे हुए पंजे को लेकर को ओटी में ले गई। यहां हाथ की सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं यानी हड्डी, टेंडन (स्नायु), धमनियो (आर्टरी) और नर्व की पहचान की गई।

डॉ. गुरूभूषण ने बताया कि लगभग 8 घंटे तक चले ऑपरेशन जहां आर्थोपेडिक चिकित्सकों की टीम द्वारा हड्डी को ठीक किया गया और प्लास्टिक सर्जिकल टीम द्वारा संवहनी, नसों और धमनियो (आर्टरी) की मरम्मत की गई। एनेस्थिसिया टीम के लिए यह एक विशेष चुनौतीभरा कार्य था। जिसने रोगी की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि पूरी सर्जरी के दौरान उसकी नब्ज स्थिर रहे। ऑपरेशन के बाद मरीज को मेडिकल आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया जहां डॉक्टरों की टीम ने लगातार हाथ और मरीज की निगरानी की। हाथ की हालत स्थिर होने पर मरीज को आईसीयू से बाहर वार्ड में शिफ्ट किया गया। मरीज अभी पूरी तरह से ठीक है। परिजनों ने पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। मरीज अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य है एवं उसे छुट्टी दे दी गई।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ