गुजरात में स्वच्छता की चौतरफा सुनाई दे गूंज, सीएम भूपेंद्र पटेल ने पूर्व सभापति के.के.गुप्ता को सौंपी स्वच्छता की कमान


- माणसा, गांधीनगर ( गुजरात ) में स्वच्छ भारत मिशन का आगाज, गुप्ता ने बताए स्वच्छता के गुर

- माणसा में स्वच्छ भारत मिशन को लेकर पहली बैठक संपन्न

डूंगरपुर/गांधीनगर। विश्व भर में डूंगरपुर को स्वच्छता का सिरमौर बनाने वाले नगर परिषद के पूर्व सभापति व राजस्थान सरकार के पूर्व स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के.गुप्ता कि स्वच्छता को लेकर बढ़ते कदम यहीं तक नहीं रुके। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने स्वच्छता की चौतरफा गूंज सुनाई दे मकसद लिए स्वच्छता की कमान पूर्व सभापति के.के.गुप्ता को सौंपी। जिसकी शुरुआत माणसा से होगी। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज राष्ट्रीय नेता व गृह मंत्री अमित शाह के गृह क्षेत्र शहर माणसा में स्वच्छ भारत मिशन का आगाज हो चुका हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के निर्देशन में स्वच्छ भारत मिशन को लेकर पहली बैठक हुई। बैठक में गांधीनगर कलेक्टर कुलदीप आर्या, गांधीनगर भाजपा जिलाप्रमुख अनिल भाई पटेल , नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश बेन , नगरपालिका सीओ रवि जी, नगरपालिका एसआई , समस्त मानसा नगरपालिका पार्षद एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे। के.के.गुप्ता ने माणसा में स्वच्छता को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर चर्चा की। पूर्व में गुप्ता द्वारा माणसा में स्वच्छता को लेकर सार्वजनिक स्थलों का जायजा लेकर दिशा निर्देश दिए गए थे।

के.के.गुप्ता ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की मॉनिटरिंग स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। देश में अब स्वच्छता के प्रति जागरुकता आई है, युवा पीढ़ी खुद इस ओर बड़े कदम बढ़ा रही हैं। अब लोग घरों में ही गीले और सूखे कचरे को अलग रख रहे हैं, दूसरे लोगों को जागरुक भी कर रहे हैं। कोरोना काल में भले ही कुछ सुस्ती आई हो, लेकिन हर राज्य, जिला, शहर, गांव के प्रशासन को फिर से जाग जाना चाहिए। स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य केवल आसपास की सफाई करना ही नहीं है अपितु नागरिकों की सहभागिता से अधिक-से अधिक पेड़ लगाना, कचरा मुक्त वातावरण बनाना, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराकर एक स्वच्छ भारत का निर्माण करना है। अभियान न केवल नागरिकों को स्वच्छता संबंधी आदतें अपनाने बल्कि हमारे देश की छवि स्वच्छता के लिए तत्परता से काम कर रहे देश के रूप में बनाने में भी मदद करेगा।

कोरोना काल में सब ने समझा स्वच्छता का विशेष महत्व 

स्वच्छ भारत अभियान के राजस्थान के संयोजक के.के.गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में सभी ने स्वच्छता के महत्व को जाना व समझा है। स्वच्छता कोई ऐसा काम नहीं है जो पैसे कमाने के लिए किया जाए। बल्कि यह एक अच्छी आदत है, जिसे हमें अच्छे स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन के लिए अपनाना चाहिए। जीवन का स्तर बढ़ाने के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में हर व्यक्ति को इसका अनुकरण करना चाहिए। जीवन में स्वच्छता का होना हमारे लिए काफी आवश्यक है, जो हमें हमारे दैनिक जीवन में अच्छाई की भावना को प्राप्त करने का बढ़ावा देती है। यह हमारे जीवन में स्वच्छता के महत्व और उसकी आदत का पालन करने की सीख देती है। साफ -सफाई के लिए हमें समझौता नहीं करना चाहिए क्योंकि यह हमारे स्वास्थ्य को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। हमें अपनी व्यक्तिगत, पालतू जानवरों,  पर्यावरण, अपने आस-पास और कार्यस्थल आदि को स्वच्छ रखना चाहिए। हमें पेड़ काटने नहीं बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पेड़ लगाने चाहिएं। जब से कोविड-19 ने पूरी दुनिया में पैर पसारे हैं, तब से लोगों में काफी जागरूकता देखने को मिल रही है। अब लोगों को साबुन से हाथ धोने का महत्व पता चला है। स्वच्छता का संबंध हमारी संस्कृति से भी जुड़ा है। पुराने समय में खाने से पहले और बाद में हाथ धोना आदत मानी जाती थी। वहीं हमारी संस्कृति में हाथ जोड़ कर अभिवादन करने को बढ़ावा दिया जाता था। आज के समय में लोग दूर से ही नमस्कार करके अलविदा ले लेते हैं क्योंकि उनको संक्रमण होने का डर सताता रहता है। आज हमारी संस्कृति की वे पुरानी आदतें हमारे काम आ रही हैं।

---------------


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ