घी, तेल लाल मिर्च, दूध, बेसन, पनीर अन्य खाद्य साम्रगी के लिये सैम्पल


- शुद्ध के लिये युद्ध अभियान के तहत प्रथम माह मे जिले भर में 50 सैम्पल लिए गए

- प्रथम माह में लिए सैम्पल में 08 अवमानक व 1 मिथ्याछाप पाया गया

डूंगरपुर। राज्य सरकार के दिए निर्देशानुसार 1 जनवरी से 31 मार्च तक राजस्थान में शुद्ध के लिये युद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरे अभियान की अगुवाई जिला कलक्टर शुभम चौधरी के द्वारा की जा रही है। तीन माह तक चलने वाले शु़द्ध के लिए युद्ध अभियान के प्रथम माह में जिले भर से 50 सैम्पल लिए गए है। यह अभियान आगामी दो माह तक और चलेगा चलेगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा बताया कि राज्य सरकार की ओर से अभियान के संचालन के लिए जिला स्तरीय प्रबंधन समिति, जांच दल का गठन किया गया है। अभियान के तहत दूध, मावा, पनीर व अन्य दुग्ध उत्पाद, आटा, बेसन, खाद्य तेल व घी इत्यादी खाद्य पदार्थों की जांच करते हुए जाँच हेतु सैम्पल लिये जा रहे है। वहीं बाट व माप की जांच भी की जा रही है। निरोगी राजस्थान अभियान तहत मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश राजस्थान सरकार द्वारा दिये गये है। अभियान के प्रथम माह में 50 सैम्पल लिए गए है।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय मौयल ने बताया कि जिले भर में चले अभियान के प्रथम माह जनवरी में अब तक 50 सैम्पल लिए गए। जिसमें डूंगरपुर से 26, सागवाडा से 08, सीमलवाड़ा से 04, बिछिवाडा से 05, आसपुर से 07 सैम्पल लिए जिसमें घी के 08, तेल के 10, लाल मिर्च पाउडर/हल्दी पाउडर/धनिया पाउडर के 06, दूध का 05, पकोडे का आटा को 01, बेसन के 04, पनीर के 03, नमकीन के 01, ग्रीन चिल्ली सॉस 01, चिल्ली सॉस का 01, टमाटो केचप का 01, काजू का 01, मावे की मिठाई 01, शुगर बॉयल कन्फेक्शनरी का 01 चाय की पत्ति के 03, केक का 01, कलाकंद का 01, रसगुल्ले का 01 सैम्पल लिए गए। समस्त सैम्पल को जांच हेतु खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बांसवाड़ा प्रयोगशाला में जांच हेतु भिजवाये गये है।  जिसमे से 27 सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है जिसमें 8 सैम्पल अवमानक व एक मिथ्याछाप स्तर का पाया गया है। सभी फर्म के विरूद्ध न्याय निर्णय अधिकारी एवं अति. जिला कलक्टर डूंगरपुर में परिवाद प्रस्तुत किया गया। जिसमें एक्ट के तहत धारा 51 व 52 के तहत कार्यवाही की जाएगी। मोयल ने यह भी कहा कि मिलावट करने वालों की जानकारी विभाग तक आमजन पहुंचाने में सहयोग करे सम्बंधित व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा और इनाम स्वरूप सूचना 51000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 02964-232486 पर सूचित कर सकते है। 

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